Table of Contents / विषय सूची
- प्राचीन इतिहास के स्रोत क्या हैं?
- मुख्य स्रोत
- हरियाणा के प्रमुख अभिलेख
- 1. टोपरा अभिलेख
- 2. सुंघ अभिलेख
- 3. लाओस (हिन्द-चीन) अभिलेख
- 4. करनाल अभिलेख
- 5. नचा खेड़ा अभिलेख
- 6. लाडनूं अभिलेख
- 7. बिजोलिया अभिलेख
- 8. हांसी अभिलेख
- 9. दिल्ली स्तंभ लेख
- 10. पालम बावली अभिलेख
- 11. बोहरा अभिलेख
- 12. सारवान अभिलेख
- 13. बहलोलपुर अभिलेख
- हरियाणा के प्रमुख सिक्के
- अगर जनपद के सिक्के
- कुणिंद गणराज्य के सिक्के
- पुष्यभूति वंश के सिक्के
- तोमर एवं चौहान सिक्के
- समुद्रगुप्त के सिक्के-
- हरियाणा की प्रमुख मूर्तियाँ
- सबसे पुरानी मूर्ति
- Most Important
- शेषशायी विष्णु की मूर्ति
- सूर्यदेव की मूर्ति
- जैन मूर्तियाँ
- बलराम की मूर्ति
- थानेसर मंदिर की मूर्तियाँ
- संगीत के सात स्वर वाली ईंट
- बहुत महत्वपूर्ण तथ्य
- असीगढ़ किला
- परीक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण तथ्य
- Quick Revision
- निष्कर्ष
- FAQs
हरियाणा के प्राचीन इतिहास के स्रोत: अभिलेख, सिक्के, मुद्राएँ एवं मूर्तियाँ Haryana GK 2026

हरियाणा का प्राचीन इतिहास भारतीय सभ्यता की सबसे महत्वपूर्ण धरोहरों में से एक है। इस प्रदेश की ऐतिहासिक जानकारी हमें विभिन्न अभिलेखों, सिक्कों, मुद्राओं, मूर्तियों तथा पुरातात्विक अवशेषों से प्राप्त होती है। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे HSSC, CET Haryana, HPSC, HTET, Haryana Police, पटवारी, ग्राम सचिव आदि में इस अध्याय से नियमित रूप से प्रश्न पूछे जाते हैं।
इस लेख में हम हरियाणा के प्राचीन इतिहास के प्रमुख स्रोतों का विस्तृत अध्ययन करेंगे और उन महत्वपूर्ण तथ्यों को समझेंगे जो परीक्षा की दृष्टि से अत्यंत उपयोगी हैं।
नोट: इस लेख में शामिल अधिकांश तथ्य HSSC एवं CET Haryana की पिछली परीक्षाओं में पूछे जा चुके हैं।
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प्राचीन इतिहास के स्रोत क्या हैं?
किसी भी क्षेत्र के प्राचीन इतिहास को जानने के लिए जिन प्रमाणों का उपयोग किया जाता है उन्हें इतिहास के स्रोत कहा जाता है। हरियाणा के प्राचीन इतिहास के मुख्य स्रोत निम्नलिखित हैं:
मुख्य स्रोत
अभिलेख (Inscriptions)
सिक्के (Coins)
मुद्राएँ (Seals)
मूर्तियाँ (Sculptures)
शिलालेख
ताम्रपत्र
पुरातात्विक उत्खनन
इन स्रोतों से हमें तत्कालीन समाज, प्रशासन, धर्म, संस्कृति और राजनीतिक स्थिति की जानकारी मिलती है।
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हरियाणा के प्रमुख अभिलेख
हरियाणा से लगभग 37 अभिलेख प्राप्त हुए हैं। इनमें से कई अभिलेख प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
1. टोपरा अभिलेख
-
हरियाणा का सबसे प्राचीन अभिलेख माना जाता है।
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यह यमुनानगर जिले के टोपरा गाँव से प्राप्त हुआ।
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मूल रूप से सम्राट अशोक का स्तंभ लेख था।
2. सुंघ अभिलेख
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यमुनानगर जिले से प्राप्त।
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हरियाणा के प्रारंभिक अभिलेखों में महत्वपूर्ण स्थान।
3. लाओस (हिन्द-चीन) अभिलेख
कुरुक्षेत्र को “महातीर्थ” की संज्ञा इसी अभिलेख में दी गई है।
4. करनाल अभिलेख
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खरोष्ठी लिपि में लिखा गया है।
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यह तथ्य HSSC में पूछा जा चुका है।
5. नचा खेड़ा अभिलेख
-
जींद जिले के नचा खेड़ा गाँव से प्राप्त।
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इसकी विषयवस्तु रामायण से संबंधित है।
6. लाडनूं अभिलेख
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इसमें दिल्ली को हरियाणा की राजधानी के रूप में दर्शाया गया है।
7. बिजोलिया अभिलेख
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हांसी पर चौहानों के अधिकार की पुष्टि करता है।
8. हांसी अभिलेख
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चौहान शासक पृथ्वीराज द्वितीय से संबंधित है।
9. दिल्ली स्तंभ लेख
हरियाणा को “स्वर्ग” की संज्ञा इसी अभिलेख में दी गई है।
10. पालम बावली अभिलेख
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दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्र को “हरियाणा क्षेत्र” कहा गया है।
11. बोहरा अभिलेख
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इसमें हरियाणा का नाम “हरि अंक” बताया गया है।
12. सारवान अभिलेख
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दिल्ली को हरियाणा का एक नगर बताया गया है।
13. बहलोलपुर अभिलेख
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करनाल जिले से प्राप्त।
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इसमें मौर्य, देवनागरी और मूल लिपि के शब्द मिलते हैं।
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हरियाणा के प्रमुख सिक्के
हरियाणा के विभिन्न स्थानों से प्राप्त सिक्कों को 5 श्रेणियों में बाँटा जाता है।
अगर जनपद के सिक्के
ये सिक्के निम्न स्थानों से प्राप्त हुए हैं:
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अगरवा
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बरवाला
-
नौरंगाबाद
कुणिंद गणराज्य के सिक्के
प्राप्त स्थान:
-
सांग
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जगाधरी
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बुढ़िया
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करनाल
पुष्यभूति वंश के सिक्के
महत्वपूर्ण तथ्य: हरियाणा में पुष्यभूति वंश के सिक्कों का स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला है।
तोमर एवं चौहान सिक्के
प्राप्त स्थान:
-
बुढ़िया
-
जगाधरी
समुद्रगुप्त के सिक्के-
मिथाथल (भिवानी) से प्राप्त हुए हैं।
परशु प्रकार का स्वर्ण सिक्का भी मिथाथल से मिला है।
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हरियाणा की प्रमुख मूर्तियाँ
सबसे पुरानी मूर्ति
Most Important
हरियाणा में प्राप्त सबसे पुरानी मूर्ति यक्ष-यक्षिणी की है।
शेषशायी विष्णु की मूर्ति
प्राप्त स्थान: फजलपुर (सोनीपत)
सूर्यदेव की मूर्ति
प्राप्त स्थान: अगरवा
जैन मूर्तियाँ
मुख्यतः प्राप्त स्थान:
-
हांसी
-
रानीला
बलराम की मूर्ति
प्राप्त स्थान: अतलबोर (रोहतक)
थानेसर मंदिर की मूर्तियाँ
अलबरूनी के अनुसार थानेसर के मंदिर में पीतल की मूर्तियाँ स्थापित थीं।
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संगीत के सात स्वर वाली ईंट
बहुत महत्वपूर्ण तथ्य
सा रे ग म प ध नि लिखी हुई ईंट अगरवा से प्राप्त हुई है।
असीगढ़ किला
हांसी में स्थित यह किला पृथ्वीराज चौहान तृतीय द्वारा निर्मित माना जाता है। इसे “तलवारों का किला” भी कहा जाता है।
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परीक्षा की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण तथ्य
Quick Revision
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तथ्य |
उत्तर |
|---|---|
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संगीत के सात स्वर वाली ईंट |
अगरवा |
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कुरुक्षेत्र को महातीर्थ |
लाओस अभिलेख |
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खरोष्ठी लिपि वाला अभिलेख |
करनाल अभिलेख |
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रामायण संबंधी अभिलेख |
नचा खेड़ा |
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हरियाणा को स्वर्ग |
दिल्ली स्तंभ लेख |
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हरियाणा क्षेत्र का प्रथम उल्लेख |
पालम बावली अभिलेख |
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हरियाणा का नाम हरि अंक |
बोहरा अभिलेख |
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सबसे पुरानी मूर्ति |
यक्ष-यक्षिणी |
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सूर्यदेव की मूर्ति |
अगरवा |
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बलराम की मूर्ति |
अतलबोर |
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समुद्रगुप्त के सिक्के |
मिथाथल |
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निष्कर्ष
हरियाणा के प्राचीन इतिहास के अध्ययन में अभिलेख, सिक्के, मुद्राएँ और मूर्तियाँ अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इन स्रोतों से हमें राज्य की प्राचीन संस्कृति, प्रशासन, धर्म, कला और राजनीतिक इतिहास की प्रमाणिक जानकारी प्राप्त होती है।
यदि आप HSSC, CET Haryana, HPSC, HTET या Haryana Police की तैयारी कर रहे हैं, तो इस अध्याय के सभी महत्वपूर्ण अभिलेख, सिक्के और मूर्तियों का नियमित पुनरावृत्ति अवश्य करें, क्योंकि इससे संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं।
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FAQs
1. हरियाणा का सबसे प्राचीन अभिलेख कौन सा है? – टोपरा अभिलेख हरियाणा का सबसे प्राचीन अभिलेख माना जाता है।